समाज

रौशनी न देख पाने का दर्द
रात में कुछ देर के लिए बिजली चले जाए, तो लोग बेहाल हो जाते हैं. रौशनी के लिए वे क्या ...
भोजन में मीठा ज़हर
देश की एक बड़ी आबादी धीमा ज़हर खाने को मजबूर है, क्योंकि उसके पास इसके अलावा कोई दूसरा चारा नहीं ...
जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी… यानी जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है. जन्म स्थान या अपने देश को मातृभूमि कहा जाता ...
वामपंथ का सच…
"सत्ता बन्दूक की नली से निकलती है..." का घोषवाक्य मानने वाले वामपंथी भारत में अक्सर मानवाधिकार और बराबरी वगैरह के ...
दहेज प्रथा की शिकार हव्वा की बेटियां
हिंदुस्तानी मुसलमानों में दहेज का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है. हालत यह है कि बेटे के लिए दुल्हन तलाशने ...
राजा केम्पेगौडा – बंगलौर के संस्थापक
मुस्लिम वोट बैंक के लिए काँग्रेस द्वारा खामख्वाह टीपू सुलतान की जयंती मनाने के भद्दे विवाद के समय प्रसिद्ध लेखक ...
चले गये राम मंदिर की आस लिए
जो ना तो राजनीति का नायक बना। ना ही हिन्दुत्व का झंडाबरदार। लेकिन जो सपना देखा उसे पूरा करने में ...
क्या “निर्भया” का बलात्कारी आपके आसपास है?
मैं जानता हूँ कि शीर्षक देखकर आप चौंके होंगे, लेकिन यह सवाल है ही ऐसा. और यह सवाल करना इसलिए ...
गोमांस को लेकर उठ रहा विवाद
दादरी में अख़लाक़ की हत्या की निन्दनीय घटना के पीछे का सच क्या है , यह तो जाँच के बाद ...