समाज

डॉक्टरी के धंधे में क्रांति की जरुरत
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने डाॅक्टरी के धंधे पर जबर्दस्त प्रहार किया है। उसने अपने फैसले में कहा है कि ...
बुद्धिष्ट नहीं तो क्या सनातनी हो ?
बिना किसी लागलपेट के मुझे यह मानने और स्वीकारने में कोई हिचक नहीं है कि ओबीसी के महामानव ज्योतिबा फूले ...
पुलिस राज के साये में भारतीय लोकतंत्र
भारत के विधि आयोग की एक सौ बहत्तरवीं रिपोर्ट 14 दिसम्बर 2001 :एक समीक्षा भारत के विधि आयोग ने स्वप्रेरणा ...
पाणिग्रहण संस्कार पर मुग्ध हुए विदेशी
भारत विभिन्न संस्कृतियों का देश है. हर संस्कृति की अपनी-अपनी परंपराएं और अपने रीति-रिवाज हैं. यहां अमूमन सभी त्योहारों और ...
पढ़ाई तीसरी कक्षा, मिला पद्मश्री
कवि हलधर नाग पर पांच छात्रों ने की है पीएचडी कवि हलधर नाग जिन्होंने अपनी प्रतिभा को बचपन से निखारा और ...
मनुष्य मांस क्यों खाए?
सारी दुनिया में भारत ही ऐसा एकमात्र देश है, जिसमें करोड़ों शाकाहारी लोग रहते हैं। ये शाकाहारी लोग मांस, मछली, ...
अंधेरे में ‘चौथा स्तंभ ?
देश के स्वयंभू 'लोकतंत्र के चौथे स्तंभ में एक भूचाल सा आया दिखाई दे रहा है। जिस मीडिया से आम ...
शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने के दुष्प्रयास
देश की राजधानी दिल्ली का प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय एक बार फिर दक्षिणपंथी सोच रखने वाले नेताओं की आंखों की किरकिरी ...
आईने में देशभक्ति…
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में गत् 9 फरवरी को कुछ राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा भारत विरोधी तथा कश्मीर की आज़ादी ...