समाज

बिना हारे, स्त्री जीत नहीं सकती!
यह अवस्था अर्थात् तृप्ति या ऑर्गेज्म तो स्त्री की पुरुष के समक्ष हार या समर्पण का स्वाभाविक प्रतिफल होता है, ...
धारा 498-ए अप्राकृतिक व अन्यायपूर्ण!
"केवल एफआईआर में नाम लिखवा देने मात्र के आधार पर ही पति-पक्ष के लोगों के विरुद्ध धारा-498ए के तहत मुकदमा ...
क्योंकि देश गुस्से में है…
बेचैनी हर किसी में है। आम आदमी की बैचेनी परेशानी से जुझते हुये है। खास लोगों की बैचेनी सत्ता सुख ...
असम के दर्द को समझना जरुरी है
असम समस्या को लेकर चर्चा होती रहती है । उसके समाधान के तरीके भी अपने अपने नजरिये से बताये जाते ...
मौत के मातम के बीच जन्मदिन का जश्न
जब रोम में आग लगी थी तो नीरो चैन से बंसी बजाते हुए कैसा दिख रहा था इसका आंखो देखा ...
खुदरा खड़ा बाजार में
यह संभवतः दूसरा मौका है जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी मौन छवि से इतर कड़ा फैसला लेते हुए अंततः ...
सुलग रही है असम की आग
असम में करीब एक पखवाड़े तक हिंसा की तेज आग की लपटे कम तो हुई, पर उसकी तपिश कम नहीं ...
असीम के आगे जहां और भी हैं
असीम ने मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण क्या किया नई और पुरानी मीडिया के लिए असीम का समर्पण भी गिरफ्तारी ...
मन लगा यार अमीरी में
जब तक इस देश में गरीबी है तब तक ही अमीरी भी है। हकीकत में अमीरों का अस्तित्व गरीबों की ...