समाज

किसानों के अंधेरे घर से सियासी दीया जलाने का हुनर
यह कल्पना के परे है कि मरते किसानों के बीच से कुछ किसानो को चुन लिया जाये और फिर उनके ...
गोमांस और सावरकर
‘गाय हमारी माता है अटलबिहारी खाता है’ मध्यप्रदेश में इस पोस्टर की बड़ी चर्चा है। प्रधानमंत्राी कुपित हैं। कुपित होना ...
भ्रष्टाचार का दैत्य : दलन कैसे ?
तहलका’ मचे तीन सप्ताह बीत गए लेकिन भारत के राजनेताओं के सिर पर जूँ तक नहीं रेंगी| भ्रष्टाचार पर प्रहार ...
जम्मू कश्मीर में नगर विस्तार पर बवाल
जम्मू कश्मीर में मीडिया ने एक नया शोशा छोड़ा है । कश्मीरी हिन्दू सिक्खों के लिये सरकार एक नया शहर ...
बुर्का बनाम बिकिनी : क्यों लगाएं प्रतिबंध
बुर्के के पक्ष में जितने तर्क हो सकते हैं, उससे कहीं ज्यादा उसके विरूद्घ हो सकते हैं लेकिन बुर्के पर ...
भीम राव आम्बेडकर और उनके शिक्षा सम्बंधी विचार
भीम राव आम्बेडकर ने देश के निर्धन और बंचित समाज को प्रगति करने का जो सुनहरी सूत्र दिया था , ...
कहाँ गई वे बोलियाँ ?
पिछले 50 साल में लगभग सवा दो सौ भारतीय बोलियाँ समाप्त हो गई हैं। 1961 में भारत में 1100 भाषाएँ ...
अफगानिस्तान कभी आर्याना था
आज अफगानिस्तान और इस्लाम एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं, इसमें शक नहीं लेकिन यह भी सत्य है कि वह ...
आरक्षण क्यों और किसे
यूं तो भारत का संविधान जाति, धर्म, लिंग, भाषा के आधार पर किसी भी वर्ग में भेद नहीं करता। लेकिन ...