राजनीति

देश नहीं, सत्ताधारियों की आजादी
पहली बार विदेशी निवेश पर घिरे 'मनमोहनोमिक्स' ने मौका दिया है कि अब बहस इस बात पर भी हो जाये ...
गुस्सा फूटेगा तो हाथ छूटेगा
बेतहाशा मंहगाई के इस दौर में जहां राजनीतिक अस्थिरता खुलकर सामने आ रही है वहीं आम-आदमी का गुस्सा भी अब ...
सरदार पटेल की मेहनत बेकार जायेगी?
भारत की स्वतंत्रता के पहले भारत में लगभग 565 छोटी-छोटी रियासतें/सूबे अस्तित्व में थे, जिसके अपने फायदे कम नुकसान ज्यादा ...
ड्रैगन(चीन) के बढ़ते कदम
अविभाजित हिन्दुस्तान का कभी अभिन्न अंग रहा पाकिस्तान धर्म के आधार पर विभाजित हो कट्टरता के चलते आज स्वयं के ...
मिलावट के इस दौर में असली बचा न कोय
व्यक्ति की पहचान पहले उसके नाम से बाद में उसके कार्यों से होती है। कार्यों के गुण-दोषों केे ही आधार ...
मनमोहन-चिदंबरम की बीस बरस की जोड़ी की इकनॉमिक्स तले देश का बंटाधार
चिदंबरम का मतलब इस वक्त महज 2जी घोटाले में फंसे नेता का कुर्सी बचाना भर नहीं है। बल्कि मनमोहन सिंह ...
विशेषाधिकार क्यों और किसके लिए?
संत तुलसीदास ने कलयुग के बारे में जैसा बताया आज अक्षरशः वैसा ही घटित हो रहा है। मसलन गाल बजाने ...
साइकिल से सोने के सिंहासन तक
खनन के काले कारोबार से कर्नाटक में सामानांतर सरकार चलाने की कुबत रखने वाले रेड्डी बंधुओं के पापा का घड़ा ...
दादागिरी: मनमानी करने की
जिस देश में भ्रष्टाचार को ले ऐतिहासिक आन्दोलन चल रहा हो, केन्द्र सरकार की भद्द पिट रही हो, केन्द्र के ...