राजनीति

‘हिंदी विलाप: हकीकत या पाखंड?

                प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष विगत 14 सितंबर को उत्तर भारत में ...

डीएवीपी की विज्ञापन नीति में संशोधन क्‍यों ?

 - डॉ. मयंक चतुर्वेदी विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) की विज्ञापन नीति में पहले भारत सरकार की ओर से देश ...

कैसे लोकतंत्र दागी राजनीति से मुक्त होगा?

लोकतंत्र में शासनतंत्र की बागडोर जनता द्वारा चुने गए सांसदों एवं विधायकों के हाथों में होती है। भारतीय लोकतंत्र की ...

राजनीतिक सत्ता में समाया भारत का लोकतंत्र

राजनीतिक सत्ता में देश की जान है तो ये देश के लोकतंत्र का राजनीतिक सच है। जहां संसद में लोकसभा ...

कश्मीर पर अब खुलेगा शिवजी का त्रिनेत्र

कश्मीर के घायल नौजवानों के प्रति हमदर्दी जताने के लिए केंद्र सरकार ने क्या-क्या नहीं किया? प्रधानमंत्री अौर गृह मंत्री ...

खाट बिछेगी तो नहीं, खड़ी ही होगी

कांग्रेस  उत्तरप्रदेश में अपनी सियासी जमीन हासिल करने के सारे प्रयत्न कर रही है। इसी रणनीति का हिस्सा हैं कांग्रेस ...

आजम खान ने किया बाबा साहेब का अपमान

उत्तरप्रदेश  सरकार के मंत्री और मुस्लिम नेता आजम खान ने साबित कर दिया है कि उन्हें मर्यादा में रहना आता ...

औचित्य राजनीति पर धर्म के नियंत्रण का ?

                सदियों से यह एक चर्चा का विषय रहा है कि राजनीति का धर्म के साथ आखिर क्या रिश्ता होना ...

गोवा में “वेलिंगकर वैचारिक घमासान” :– संघ भाजपा की मुश्किलें

जैसा कि सभी जानते हैं हाल ही में, गोवा प्रांत के संघ प्रमुख प्रोफ़ेसर सुभाष वेलिंगकर को RSS ने सभी ...

कठघरे में केजरीवाल ?

राजनीति को कीचड़ मान कर उसमें कूदकर सिस्टम बदलने का ख्वाब केजरीवाल ने अगर 2012 में देखा तो उसके पीछे ...