विविध

बुद्धिष्ट नहीं तो क्या सनातनी हो ?
बिना किसी लागलपेट के मुझे यह मानने और स्वीकारने में कोई हिचक नहीं है कि ओबीसी के महामानव ज्योतिबा फूले ...
वीर सावरकर, गाँधी जी एवम् आर.एस.एस.-भाग-2
(भारत विभाजन के संदर्भ में) यह हिन्दू महासभा का अधिवेशन कलकत्ता में रखा गया। इसमें भाग लेने वालों में डाॅ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी, श्री ...
जनता का सरोकार योजनाओं से कम, चुनावी वादों से अधिक
देश की जनता को सब्ज़ बा$ग दिखाकर व यूपीए सरकार की नाकामियों की पीठ पर सवार होकर केंद्रीय सत्ता ...
मूलवासी बनाम सवर्ण
भारत के स्वाभाविक और प्राकृतिक वासी, इस देश के आदिनिवासी और मूलवासी कहे जाते हैं। इन्हें ही संयुक्त राष्ट्र संघ ...
मां, तुझे सलाम…
क़दमों को मां के इश्क़ ने सर पे उठा लिया साअत सईद दोश पे फ़िरदौस आ गई... ईश्वर ने जब कायनात की ...
पुलिस राज के साये में भारतीय लोकतंत्र
भारत के विधि आयोग की एक सौ बहत्तरवीं रिपोर्ट 14 दिसम्बर 2001 :एक समीक्षा भारत के विधि आयोग ने स्वप्रेरणा ...
वीर सावरकर, गाँधी जी एवम् आर.एस.एस.:भाग-1
(भारत विभाजन के संदर्भ में) अनेक लोग आश्चर्य करते हैं कि भारत में हिन्दुओं के इतने बहुमत के पश्चात्, वीर सावरकर एवम् गाँधी ...
गोडसे देशभक्त थे या गद्दार, निर्णय जनता करे
भारत माता के गगनांचल रूपी आंचल में ऐसे-ऐसे नक्षत्र उद्दीप्त हुये हैं, जो न केवल भारत भूमि को बल्कि संपूर्ण ...
भारत का फलता-फूलता मुकदमेबाजी उद्योग
भारतीय न्यायतंत्र उर्फ मुकदमेबाजी उद्योग ने बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध करवा रखा है। देश में अर्द्ध–न्यायिक निकायों को छोड़कर ...