देश की समस्या

इंसानों की नहीं पशुओं की अधिक चिंता ?
देश भर में बेलगाम आवारा पशुओं के कारण रोज़ाना सैकड़ों हादसे हो रहे हैं। कहीं सड़कों पर पशुओं की ...
‘चीख़’ कि लब आज़ाद हैं तेरे
वायु व जल प्रदूषण से पहुंचने वाले नुक़सान को लेकर जिस तरह हमारा भारतीय समाज अभी तक पूरी तरह ...
लो आ गया पत्रकारिता का ‘गटर काल’
देश इन दिनों बड़े ही अजीब-ो-ग़रीब दौर से गुज़र रहा है। मुख्यधारा का भारतीय मीडिया जो सत्ता के समक्ष ...
ख़ाली डब्बा – लुटते लोग
कभी कभी अपने बुज़ुर्गों की दूरदर्शिता के बारे में सोचकर बहुत आश्चर्य होता है। 1968 में रिलीज़ हुई मुंबई सिनेमा ...
मिलावटखोरों को सजा ऐसी हो
हमारी दो दवा-निर्माता कंपनियों के कारनामों से सारी दुनिया में भारत की बदनामी हो रही है। इस बदनामी से भी ...
हिरण पर क्यों लादें घांस ?
हमारे राजस्थान और उत्तरप्रदेश में अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की बाढ़ आ रही है लेकिन ज़रा रूस की तरफ देखें। ...
राजनीति और धर्म के घालमेल में ‘इस्तेमाल’ होती आस्थावानों की भीड़
मध्य प्रदेश के कुबेरेश्वर धाम में पिछले दिनों आयोजित हुये 'रुद्राक्ष महोत्सव' में भगदड़ मच गयी। परिणाम स्वरूप कई ...
चमचों को देखिये तो पतीली से गर्म हैं
देश में इन दिनों गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित राम चरित मानस को लेकर बड़ा विवाद छिड़ा हुआ है। जहां देश ...
कन्या पूजक समाज में ‘दरिंदों’ की भरमार
भारत शायद दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहां कन्याओं व महिलाओं का सबसे अधिक गुणगान ...