जनमुहिम

स्वच्छता या सिर्फ पोस्टरबाजी ?
पिछले दो महिनों में मैं लगभग दर्जन भर नगरों में गया। विभिन्न प्रांतों के इन नगरों में कार से यात्रा ...
क्या यही है ‘सबका साथ-सबका विकास’ की परिभाषा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की जनता के मध्य बार-बार दिया जाने वाला नारा-‘सबका साथ सबका विकास’ निश्चित रूप ...
क्रांति करें मुस्लिम महिलाएं
भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन ने क्रांतिकारी बीड़ा उठाया है। उसने कई प्रांतों की लगभग 50 हजार मुस्लिम महिलाओं के दस्तखत ...
भारत का फलता-फूलता मुकदमेबाजी उद्योग
भारतीय न्यायतंत्र उर्फ मुकदमेबाजी उद्योग ने बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध करवा रखा है। देश में अर्द्ध–न्यायिक निकायों को छोड़कर ...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) तब अौर अब-भाग 3
हिंदुत्व की बदलती व्याख्याएँ श्री गोलवलकर जी द्वारा गोडसे को आर.एस.एस. का स्वंयसेवक होने से नकारने व नेहरु तथा कांग्रेस के ...
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) तब अौर अब- भाग 2
हिन्दू महासभा एवं आर. एस. एस. के बीच कड़वाहट जैसा विदित है कि वीर सावरकर पहले ही कलकत्ता अधिवेशन के लिये ...
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) तब और अब: भाग-1
हिंदुत्व की बदलती व्याख्याएँ १९२१ ई. में अंग्रेजो ने तुर्की को परास्त कर, वहां के सुल्तान को गद्दी से उतार दिया ...
सद्भावना की परंपरा में देरी नहीं लगती
पटना का प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में रामवनवी के दिन आयोध्या के बाद सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। राम के जन्मोत्सव ...
सिर्फ हिंदू औरतों को ही क्यों?
शिंगनापुर के शनि मंदिर में औरतों के प्रवेश की मांग पर मुंबई के उच्च न्यायालय ने मुहर लगा दी है। ...