आपकी बात

लिव इन रिलेशन – क़ानून बनने के बाद भी विरोध जारी
लिव-इन रिलेशनशिप अर्थात 'स्वैच्छिक सहवास' को हमारे देश में क़ानूनी मान्यता हासिल हो चुकी है। भारत में लिव-इन ...
शीत लहरी में समस्या बनते ‘धुआं,धुंध और धूल’
साधन संपन्न लोगों के लिये बेशक सर्दी का मौसम प्रकृति प्रदत्त एक अनमोल सौगात है। क्योंकि वे अपनी ...
मरती संवेदनायें – दम तोड़ते रिश्ते
बात 1998 की है। चंडीगढ़ में पी जी आई के मुख्य द्वार के बाहर एक अति वृद्ध बुज़ुर्ग फ़ुटपाथ ...
पहाड़ों पर विकास यानी प्रकृति विनाश को न्यौता
इस वर्ष ऐन दीपावली (12 नवंबर ) के दिन जब पूरा देश इस पावन पर्व के जश्न में डूबा ...
खेल में सिर्फ़ जीत ही नहीं होती
विश्व कप क्रिकेट का फ़ाइनल मैच पिछले दिनों अहमदाबाद में भारत व ऑस्ट्रेलिया के मध्य खेला गया। इसमें ऑस्ट्रेलिया ...
आवारा पशुओं का बढ़ता आतंक : जनता त्रस्त-सरकारें मौन
हमारे देश का सत्ता नेतृत्व देश के आमजन की सुरक्षा की चाहे जितनी बातें करे ,अपनी तुलना स्वयंभू रूप ...
मिलावटख़ोरी देश के लिये कलंक
वैसे तो जब भी भारत में मनाये जाने वाले प्रमुख त्यौहार क़रीब आते हैं उस समय खाद्य सामग्री ...
इस्राईल-हमास युद्ध और भारत में ‘युद्धोन्माद’
7 अक्टूबर को दक्षिणी इज़राइल पर हमास के दुर्भाग्यपूर्ण हमले के बाद इज़राईली सेना द्वारा बदले की ...
ख़ास लोगों की बनती जा रही आम जन की ट्रेन ?
नवरात्रि के अवसर पर पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली रैपिड रेल सेवा का उद्घाटन किया। ...