Author: पुण्य प्रसून बाजपेयी

पुण्य प्रसून बाजपेयी के पास प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 20 साल से ज़्यादा का अनुभव है। प्रसून देश के इकलौते ऐसे पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी पत्रकारिता में बेहतरीन कार्य के लिए वर्ष 2005 का ‘इंडियन एक्सप्रेस गोयनका अवार्ड फ़ॉर एक्सिलेंस’ और प्रिंट मीडिया में बेहतरीन रिपोर्ट के लिए 2007 का रामनाथ गोयनका अवॉर्ड मिला।

जनता के पैसे पर सत्ता की रईसी
13 लाख 77 हजार करोड़। ये जनता के टैक्स देने वालों का रुपया है। केन्द्र सरकार इसका 40 फिसदी हिस्सा ...
सिर्फ सियासत की…कोई चोरी नहीं की
कश्मीर 109 दिनों से कैद, यूपी में सत्ता सड़क पर, महाराष्ट्र में शिक्षा-रोजगार के लिये आरक्षण, मुंबई में देशभक्ति बंधक, ...
राजनीतिक देशभक्ति की अंधेरगर्दी
ए दिल है मुश्किल रिलीज ना होने देने की देशभक्ति जब बालीवुड को डरा रही है । और ये सवाल ...
आतंक पर सिर्फ सवाल ही क्यों है मौजूदा दौर में ?
दुनिया में आतंक का सवाल। देश में विकास का सवाल । यूपी में राम नाम का जाप । और सफलता ...
राहिल की बिसात पर वजीर से प्यादा हो रहे है नवाज
सत्ता पलट के हालात बन रहे है पाकिस्तान में ? तो पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ दो महीने बाद ...
राजनीतिक सत्ता में समाया भारत का लोकतंत्र
राजनीतिक सत्ता में देश की जान है तो ये देश के लोकतंत्र का राजनीतिक सच है। जहां संसद में लोकसभा ...
रेखा….अनकही कहानी….
इस बहाने मगर देख ली दुनिया हमने.... कितना मुश्किल है। जिसकी जिन्दगी के पन्नों पर आप लिखने जा रहे है, वह ...
किन्हें नाज है मीडिया पर : पार्ट-2
तो ये सच शरु होता है दिल्ली के एक सितारा होटल में चाय पीते दो पत्रकार और ठीक सामने के ...
कठघरे में केजरीवाल ?
राजनीति को कीचड़ मान कर उसमें कूदकर सिस्टम बदलने का ख्वाब केजरीवाल ने अगर 2012 में देखा तो उसके पीछे ...