Author: निरंजन परिहार

सिनेमा और जिंदगी के असली आदमी थे देवानंद
देव आनंद (देवानंद) खबरों में रहें हों या न रहे हों लेकिन वे हमेशा बहुत महत्वपूर्ण बने रहे। वैसे वे ...
कमीशन की कमाई पर लोकतंत्र से लड़ाई
कुल मिलाकर दो बार। पहली बार एक लाख बहत्तर हजार डॉलर। और दूसरी बार एक लाख सत्तानवे हजार डॉलर। दोनों ...
काजल की कोठरी में अन्ना के अरविन्द
अरविन्द केजरीवाल पर सरकार हल्ला बोले और अन्ना हजारे चुप रहें यह कैसे हो सकता है? सरकार उनके आयकर बकाये ...
बम धमाकों से दहल गई मुंबई
मुंबई एक बार फिर दहल गई है। जवेरी बाजार, ऑपेरा हाउस और दादर में धमाके हुए। 21 लोगों के मारे ...
आतंक की राजधानी
मुंबई को अब तक हम देश की आर्थिक राजधानी कहते रहे हैं। कुछ लोग इसे ग्लैमर की राजधानी भी मानते ...
स्मृति इरानी को मोदी ने माफ किया, राज्यसभा का टिकट दिया
अब आप और हम पैरोड़ी में यह कह सकते हैं कि ‘मैं तुलसी तेरी राज्यसभा की’। छोटे परदे पर गुजराती ...
मालदार मारन को मार गया मीडिया
पहले तहलका। उसके बाद इकोनॉमिक टाइम्स। उनके साथ पूरे देश का मीडिया। फिर सीबीआई। और अब इस देश में सबकी ...
मारन मार गये इस बार
पहले ए राजा, फिर कनिमोजी, और अब कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन भी अचानक लुटेरे के अवतार में। करोड़ों की कमाई ...
खम ठोंकता मोदी का खाम
गुजरात के सामाजिक राष्ट्रवाद के गर्भ में पल रहा यह राजनीतिक समाजवाद है. जिन हथकण्डों और तरीकों का इस्तेमाल करके ...