Author: नीरज कुमार निराला

नीरज जी पेशे से लेखक, गजलकार व समसामयिक विषयों पर स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।
इनका जन्म 22/04/93 में गृह जनपद मुजफ्फरपुर(बिहार) में हुआ है।

इक ग़ज़ल उसकी शान मेँ लिख दूँ
शायरोँ की जुबान मेँ लिख दूँ, अपने ताजे दीवान मेँ लिख दूँ। काब-ए-दिल मेँ तेरा नाम लिक्खा, जाऊँ मैँ अब कुरान मेँ लिख ...
साजिशेँ कर गई हवा लेकिन…
साजिशेँ कर गई हवा लेकिन, मैँ तेरी राह मेँ रूका लेकिन। रस्म-ए-उल्फत निभाई है मैनेँ, लोग कहते हैँ बेवफा लेकिन। हर शमां बुझ गई ...
तुम्हेँ सिज़दा किया सनम मैनेँ
अपनी बिगड़ी है इस जमाने से, बात बन जाए तेरे आने से। चाँद-तारेँ तो रूठ बैठे हैँ, रौशनी होगी घर जलाने से। हिज़्र की ...
इश्क की क्या सजा
इश्क की क्या सजा दे गया है मुझे, ज़ख्म देकर दवा दे गया है मुझे। मेरी बर्बादियोँ पे वो हंसता हुआ, जिन्दगी की ...