Author: ललित गर्ग

लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार है। लेखक नें जो लिखा हैै वो उसके निजी विचार हैं यह अावश्यक नहीं हैै कि भारत वार्ता उससे सहमत हो।

दशहरा बुराइयों पर सत्य की जीत का प्रतीक है
त्योहार एवं मेले भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग है। हमारे यहां हर दिन कोई-ना-कोई पर्व या त्योहार होता है, उनमें ...
दान उत्सव- परोपकार की खुशी का जीवन
हर वर्ष महात्मा गांधी की जन्म जयन्ती से एक सप्ताह तक दान उत्सव- यानी देने, परोपकार करने की खुशी एवं ...
महावीर के सिद्धांतों से समस्याओं का समाधान संभव: भगत
आदिवासी उत्थान के लिए सुखी परिवार अभियान की चर्चा नई दिल्ली, 28 अगस्त 2016 ! केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री श्री सुदर्शन भगत ने ...
कैसे लोकतंत्र दागी राजनीति से मुक्त होगा?
लोकतंत्र में शासनतंत्र की बागडोर जनता द्वारा चुने गए सांसदों एवं विधायकों के हाथों में होती है। भारतीय लोकतंत्र की ...
शिक्षा से जुड़े सवालों के मायने
नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने तब से एक नये युग के आरंभ की बात कही जा रही है। न ...
टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया की स्मृति के मायने
सुभाष लखोटिया के प्रशंसकों एवं चहेतों के लिए यह विश्वास करना सहज नहीं है कि वे अब इस दुनिया में ...
सभ्यता से बर्बरता की तरफ बढ़ने के आंसू
हाल ही में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में चैंकानेवाले तथ्य सामने आये हैं, जो नैतिक एवं चारित्रिक ...
प्रियंका योशीकावा: नस्लभेद मानवता का अभिशाप
जिसमें हम जीते हैं, वह है सभ्यता और जो हममें जीती है वह है संस्कृति। संस्कृति ने अपने जीने का ...
भारतीय संस्कृति में सर्वाधिक लोकप्रिय हैं गणेश
गणेश भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं, वे सात्विक देवता हैं और विघ्नहर्ता हैं। वे न केवल भारतीय संस्कृति एवं ...