Author: ललित गर्ग

लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार है। लेखक नें जो लिखा हैै वो उसके निजी विचार हैं यह अावश्यक नहीं हैै कि भारत वार्ता उससे सहमत हो।

नीति और नियमों का सरलीकरण जरूरी
कालेधन एवं भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिये नीति एवं नियमों का सरलीकरण जरूरी है। नीति आयोग के ...
नालन्दा राजनीतिक नहीं, राष्ट्रीय मुद्दा है
नालंदा विश्वविद्यालय के रूप में प्राचीन भारत के सबसे बड़े ज्ञान केंद्र के लुप्त हो चुके इतिहास को ...
स्वस्थ समाज के लिए आर्थिक समानता जरूरी
नई दिल्ली, 25 नवम्बर, 2016!सुखी परिवार अभियान के प्रणेता और प्रख्यात जैन संत गणि राजेन्द्र विजयजी ने ...
शाही शादी और नोटबंदी से उपजे सवाल
एक तरफ जहां लाखों लोग एटीएम और बैंकों की लाइनों में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर कर्नाटक के ...
दीये मुंडेर पर ही नहीं, घट में भी जलने चाहिए
दीपावली मनाने की सार्थकता तभी है जब भीतर का अंधकार दूर हो। दीया घर की मुंडेर पर ही ...
आदिवासियों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता
नई दिल्ली, 24 अक्टूबबर 2016 !केन्द्रीय जनजाति मामलों के मंत्री श्री जुएल ओराम ने कहा कि आदिवासी जनजीवन का समग्र ...
मुरारी बापू का जादू मुसलमानों के सिर चढ़ा
भारत की राजनीति के शीर्ष व्यक्तित्व श्री नरेन्द्र मोदी जिस तरह दुनियाभर में भारत को एक नई पहचान देने के ...
देश कोरे ‘‘वाद’’ या ‘‘वादों’’ से ही नहीं बनेगा
क्या राजनीति में सौहार्द एवं सद्भावना असंभव है? क्या विरोध की राजनीति के स्थान पर देश के विकास की राजनीति ...
आदिवासियों का समग्र विकास अहिंसा से ही संभव: भाभोर
दिल्ली में भव्य आदिवासी कार्निवल का उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे केन्द्रीय जनजाति मामलों के राज्यमंत्री श्री जसवंत सिंह भाभोर ने कहा कि ...