Author: ललित गर्ग

लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार है। लेखक नें जो लिखा हैै वो उसके निजी विचार हैं यह अावश्यक नहीं हैै कि भारत वार्ता उससे सहमत हो।

भोजन की बर्बादी एक त्रासदी है
हर रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संवेदनशील एवं सामाजिक हो जाते हैं। देश की जनता से ‘मन की बात’ करते ...
नये भारत की दस्तक को पहचाने
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणामों ने देश को अचम्भित कर दिया। उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड में भाजपा की ...
होली के रंगों का आध्यात्मिक महत्व
होली भारत का एक विशिष्ट सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक त्यौहार है। अध्यात्म का अर्थ है मनुष्य का ईश्वर से संबंधित होना ...
चुनावी अनुष्ठान में अनिवार्य मतदान जरूरी क्यों?
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर मतदाता को अपने भाग्य का फैसला करने ...
गणतंत्र का नया सूरज उगाना होगा
यही वही 26 जनवरी का गौरवशाली ऐतिहासिक दिन है जब भारत ने आजादी के लगभग 2 साल 11 महीने और ...
सेना की साख में सुराख होना चिन्तनीय
कभी-कभी एक आवाज करोड़ों की आवाज बन जाती है। जब कोई मानव का दम घुट रहा हो और वह घुटन ...
बचपन मुस्कुराने से महरूम न हो जाए
इन दिनों बन रहे समाज में बच्चों की स्कूल जाने की उम्र लगातार घटती जा रही है, बच्चों के खेलने ...
सामाजिक-शैक्षिक क्रांति की महानायिका सावित्रीबाई फुले
इतिहास इस बात का गवाह है कि जब-जब समाज और राष्ट्र में शोषण, अन्याय और अत्याचार बढ़ता ...
नयी सोच से नए जीवन की शुरुआत करें
हर व्यक्ति शांति, सुख और प्रसन्नता चाहता है और जिन्दगीभर उसी की खोज में लगा रहता है। ऐसी ही चाहत ...