Author: फ़िरदौस ख़ान

पत्रकार, शायरा और कहानीकार… उर्दू, हिन्दी और पंजाबी में लेखन. उर्दू, हिन्दी, पंजाबी, गुजराती, इंग्लिश और अरबी भाषा का ज्ञान… दूरदर्शन केन्द्र और देश के प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में कई साल तक सेवाएं दीं…अनेक साप्ताहिक समाचार-पत्रों का सम्पादन भी किया… ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन केन्द्र से समय-समय पर कार्यक्रमों का प्रसारण… ऑल इंडिया रेडियो और न्यूज़ चैनल के लिए एंकरिंग भी की है. देश-विदेश के विभिन्न समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और समाचार व फीचर्स एजेंसी के लिए लेखन… मेरी ‘गंगा-जमुनी संस्कृति के अग्रदूत’ नामक एक किताब प्रकाशित… इसके अलावा डिस्कवरी चैनल सहित अन्य टेलीविज़न चैनलों के लिए स्क्रिप्ट लेखन… उत्कृष्ट पत्रकारिता, कुशल संपादन और लेखन के लिए अनेक पुरस्कारों ने नवाज़ा जा चुका है… इसके अलावा कवि सम्मेलनों और मुशायरों में भी शिरकत…कई बरसों तक हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की तालीम भी ली… उर्दू, पंजाबी, अंग्रेज़ी और रशियन अदब (साहित्य) में ख़ास दिलचस्पी. फ़िलहाल ‘स्टार न्यूज़ एजेंसी’ और ‘स्टार वेब मीडिया’ में समूह संपादक का दायित्व संभाल रही हूं… कुछ लोग यूं ही शहर में हमसे भी ख़फ़ा हैं हर एक से अपनी भी तबियत नहीं मिलती…

हर पल के शायर थे साहिर लुधियानवी
जन्मदिन पर विशेष बीते आठ मार्च को साहिर लुधियानवी का जन्मदिन था. उनके चाहने वालों ने इसे अपने-अपने तरीक़े से मनाकर ...
बायो गैस संयंत्र से जीवन में आया आमूल-चूल परिवर्तन
बायो गैस ने लोगों की ज़िन्दगी को बेहतर बना दिया है. देश के अनेक गांवों में अब महिलाएं लकड़ी के ...
भाई-बहन का स्नेह बसा है राखी में
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है। यह त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन ...
सांस्कृतिक दूत सपेरे
नाग पंचमी (27 जुलाई) पर विशेष भारत विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का देश है। प्राचीन संस्कृति के इन्हीं रंगों को देश ...
मां, तुझे सलाम…
क़दमों को मां के इश्क़ ने सर पे उठा लिया साअत सईद दोश पे फ़िरदौस आ गई... ईश्वर ने जब कायनात की ...
लोहड़ी, जो रस्म ही रह गई…
तीज-त्यौहार हमारी तहज़ीब और रवायतों को क़ायम रखे हुए हैं. ये ख़ुशियों के ख़ज़ाने हैं. ये लोक जीवन का एक ...
संता से मांगी एक ’विश’ मुहब्बत की
क्रिसमस पर विशेष यह हमारे देश की सदियों पुरानी परंपरा रही है कि यहां सभी त्यौहारों को मिलजुल ...
जाने कहां खोती जा रही हैं गांव की संस्कृति
आदि अदृश्य नदी सरस्वती के तट पर बसे हरित प्रदेश हरियाणा अकसर जाना होता है. बदलाव की बयार ऐसी चली ...
सुहागिन रात हो गई
जन्माष्टमी पर विशेष गीत गीत तुमसे तन-मन मिले प्राण प्रिय! सदा सुहागिन रात हो गई होंठ हिले तक नहीं लगा ज्यों जनम-जनम की ...